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केंद्र सरकार ने मॉडल अनुबंध फार्मिंग एक्ट-2018 जारी किया

Posted by Yogesh Sharma on

केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने 22 मई 2018 को ‘कृषि उत्पाद और पशुधन अनुबंध खेती एवं सेवाएं (प्रोत्साहन एवं सहूलियत) अधिनियम 2018’ का अंतिम मॉडल जारी किया.मॉडल अनुबंध फार्मिंग एक्ट तैयार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए किसानों को थोक खरीददारों के साथ एकीकृत करना है. इस मॉडल एक्ट के तहत अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) के लिये एक विनियामक और नीतिगत ढाँचा तैयार करने की व्यवस्था की गई है. मॉडल अनुबंध फार्मिंग एक्ट-2018 से लाभ   कृषि उत्पाद और पशुधन अनुबंध खेती एवं सेवाएं (प्रोत्साहन एवं सहूलियत) अधिनियम 2018 नामक कानून के इस मसौदे...

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बीजोपचार का कृषि मे महत्व एवंम लाभ |

Posted by Yogesh Sharma on

बीजोपचार का कृषि मे महत्व एवंम लाभ कृषि क्षेत्र की प्राथमिकता उत्पादकता को बनाये रखने तथा बढ़ाने मे बीज का महत्वपूर्ण स्थान है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए उत्तम बीज का होना अनिवार्य है। उत्तम बीजों के चुनाव के बाद उनका उचित बीजोपचार भी जरूरी है क्यों कि बहुत से रोग बीजो से फैलते है। अतः रोग जनको, कीटों एवं असामान्य परिस्थितियों से बीज को बचाने के लिए बीजोपचार एक महत्वपूर्ण उपाय है।   बीजोपचार के लाभ अनुसंधान द्वारा पाया गया कि बीजोपचार के लाभ उत्तम पौधों, अच्छी गुणवत्ता, ऊँची पैदावार और रोगों तथा कीट नियंत्रण मे लगी पूंजी पर अच्छी...

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मिर्च की नर्सरी या पौधशाला लगाने की उन्नत तकनीक तथा ध्यान देन योग्य चीजें

Posted by Yogesh Sharma on

पौधशाला (नर्सरी) क्या है? पहले यह समझना  है. पौधशाला या रोपणी अथवा नर्सरी एक ऐसा स्थान हैं जहां पर बीज अथवा पौधे के अन्य भागों से नये पौधों को तैयार करने के लिये उचित प्रबंध किया जाता है. पौधशाला का क्षेत्र सीमित होने के कारण देखभाल करना आसान एवं सस्ता होता है.   .टमाटर व मिर्च की खेती एक ही खेत मे या नज़दीकी खेत मे न करें क्योंकि इनमे कीड़े व रोग एक जैसी होती हैं। सहफसलों से एंथ्राक्नोज़ और बेक्टीरियल झुलसा रोग फैल सकते हैं।2. अधिक रोगाणु मिट्टी की ऊपरी सतह पर होते हैं। कुछ किसान ऊपरी सतह(30cm) निकाल देते...

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जनवरी माह मे होने वाली फसलें, सब्जिया अवं फल।

Posted by Yogesh Sharma on

जनवरी माह मे होने वाली फसलें, सब्जिया अवं फल।

जनवरी माह में मैदानी क्षेत्र होने वाली फसलें तोरिया, राई/ सरसों देर से बोई गई तोरिया की फसल की जब 75 प्रतिशत फलियां सुनहरे रंग की हो जाये तो काटकर उसे अच्छी प्रकार सुखाकर मड़ाई कर लें। राई-सरसों में फूल एवं फलियां लगते समय सिंचाई करें। राई-सरसों में बालदार सूड़ी का प्रकोप दिखाई दे तो इसकी रोकथाम के लिये क्लोरपायरी फास 20 ई.सी. की 1.25 लीटर दवा को आवश्यक पानी में मिलाकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। यदि झुलसा, सफेद गेरूई या तुलसिता रोगों में से किसी रोग का प्रकोप हो तो जिंक मैंगनीज कार्बामेट 75 प्रतिशत की 2.0 किग्रा....

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